कुछ कही कुछ अनकही

सुर्खरुँ करेँ इन्सान को,जमाने की अाधिँयाँ,फजाँ-ए-जमीँ मेँ इतनी ता कत तो नहीँ।तुम समझे थे टूट जायेँगेँ ठोकरोँ से। इन्साँ हैँ हम कोई इमारत तो नहीँ।

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बीते पलों का उधार ........

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बीते पलों का उधार
————————

कितना अच्छा होता
गर
फिर से जीने को मिल जाते
कुछ बीते पल जीवन के
शायद कुछ उधार चुकता हो जाता
जो बेगाने से बन कर जिए थे
वो कुछ पल भी अपने हो जाते
कितना अच्छा ………….
गर ….
जी कर देखते खुद की खातिर
वो पल जो औरों को सौंप दिए थे
पूरी कर लेते कुछ ख्वाहिशें वो अपनी
रह गई छुपी जो दिल के दरीचों में कहीं
कितना अच्छा ……
गर ……
पूरा कर लेते उन खतों को
जो लिखे ही नहीं
कर लेते कुछ गुफ़्तगु उन चाँद सितारों से
थे गवाह जो उदास सी मेरी तन्हाइयों के
कितना अच्छा …….
गर …….
उन सुरमई शामों से पूछ लेते वो राज़
छिपे रह गए जो हवाओं की सरगोशियों में कहीं
चल कर देखें तो सही वो तितली वो जुगनू
आज भी क्या उस चमन में यूँ ही उड़ते फिरते हैं
कितना अच्छा ………
गर……..
वो चांदनी रात फिर इक बार मिल जाती
जब कहकशाओं से फरिश्तों ने नूर बरसाया था
क्या पता वो साया आज भी
मेरे इंतजार में हो ,जिसे मैं छोड़ आया था
कितना अच्छा …
गर …
हो जाती फिर एक मुलाकात
समंदर की उन लहरों से
जो मेरी राज़दार थी
छूकर जिनको चेहरे पे मेरे
जाने कितने रंग आये थे
कितना अच्छा ……..
गर …..
वो पल फिर मिलजाते जब
फैला पंखों को अपने
आसमां की लम्बी सैर को
बस यूँ निकल जाता था मन
और धनक का झूला झूल कर
खिल खिल कर हम जमीं पर
सतरंगी सी खिलखिलाहटें बिखेर देते थे
कितना अच्छा ……
गर …..
कुछ बीते हुए पल
फिर से
बस एक बार फिर से मिल जाते ………
बस एक बार ………



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
September 17, 2014

बेहद भावपूर्ण , मन को छूती कविता …..बार बार पढने को मन करे । इस सुन्दर रचना के लिए आप बधाई की पात्र हैं ।

    mrssarojsingh के द्वारा
    September 19, 2014

    आदरणीय बिष्ट जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद ,,,,,,,, ऐसी उत्साह बढ़ाने वाली प्रतिक्रिया से अपने विचारों को साझा करने के नए आयाम खुल जाते हैं ,,,, भविष्य में भी आपके मार्गदर्शन की आशा के साथ सरोज सिंह ….

shakuntlamishra के द्वारा
September 13, 2014

मन खुश हो गया !

    mrssarojsingh के द्वारा
    September 13, 2014

    बहुत बहुत धन्यवाद अापका शकुन्तला जी ,,,,,,,,

September 13, 2014

अत्यंत हृदयस्पर्शी भावपूर्ण रचना…शानदार बहुत पसंद आई..सादर..

    mrssarojsingh के द्वारा
    September 13, 2014

    उत्साह बढाने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद शिल्पा जी,,,,,,,,,


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