कुछ कही कुछ अनकही

सुर्खरुँ करेँ इन्सान को,जमाने की अाधिँयाँ,फजाँ-ए-जमीँ मेँ इतनी ता कत तो नहीँ।तुम समझे थे टूट जायेँगेँ ठोकरोँ से। इन्साँ हैँ हम कोई इमारत तो नहीँ।

175 Posts

167 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 13246 postid : 721717

हार में छिपी होती है जीत ..

Posted On: 24 Mar, 2014 Others,कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

स्त्री है रचना ऐसी
—————————

स्त्री है रचना ऐसी ………….
जोड़े दिलों को
कभी
तो कभी जोड़े
परिवारों को
न दिखने वाली सी
सूक्ष्म जंजीरों से
महीन से कुछ अदृश्य से तारों से
तो
कभी न दिखने वाले रेशमी धागों से
सब को सब तरफ से बांध ले
बंधनों में
दिखाई भी जो दे नहीं
क्योंकि यह बंधन
जुड़े होते हैं आत्मा से
स्त्री है रचना ऐसी ……
जानती है वो जीवन का राज ….
जीवन देना जानती है जीवन देती भी है
खुद को मिटाना जानती है
खुद को मिटाती भी है
छाया बनकर जीने का साहस भी उसमें
स्त्री है ………..
एक कण भी नही बचाती
हार देती खुद को
क्योंकि
हार में जीत छिपी होती है
यह जानती है वो
चरणों में रह कर भी
सर का ताज़ बनने का राज़
जान लिया है उसने
समुद्र की गहराइयों
आकाश की ऊंचाइयों तक
पहुंचना भी आता है
स्त्री है ………
स्त्रैण गुण लेकर इस धरती पर आई है
है आधार जो इस जगत की
प्रबलतम शक्ति का
इस गुण में ही छिपी विजय वो
असीम है जो
हार कर मिलती है जो जीत
उसको हरा सकता है कौन
स्त्री है ……..
जीवन रचती जो खुद में
सृष्टि के सृजन में
देती है अपनी आहुति भी
स्त्री है रचना ऐसी ही ……………

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ANAND PRAVIN के द्वारा
March 24, 2014

http://anandpravin.jagranjunction.com/2014/03/24/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%9A-2/ आपभी शामिल हों इस महामेला में………..सादर आपत्ति होने पर कृपया कमेन्ट डिलीट कर दें……

    mrssarojsingh के द्वारा
    March 27, 2014

    अवश्य , अानन्द जी इस अायोजन मेँ शामिल होने का अवसर देने के लिये धन्यवाद ।।।।।।


topic of the week



latest from jagran